
गलतफ़हमी

तीन-चार बार ऐसा ही हुआ।
पास बैठा अन्य यात्री बोला- भाई साहब, आप जवाब में कुछ बोलते क्यों नहीं?
"क्यों बोलूं?" बार-बार धौल खाने वाला वह यात्री बोला- इसे गलतफ़हमी हुई है, मेरा नाम कल्लू है ही नहीं!
चित्र: चन्दर
Cartoon © T.C. Chander
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