
Cartoon © T.C. Chander
किस्मत
एक दिन कल्लू का एक पुराना दोस्त मिल गया।"कैसे हो यार!"
"मेरी बदकिस्मती पीछा नहीं छोड़ती..."
"क्या हो गया भाई?"
"मैंने दो शादियां की, एक छोड़कर भाग गयी और दूसरी कहीं जाने का नाम नहीं लेती।"


एक दिन कल्लू का एक पुराना दोस्त मिल गया।
कल्लू कहीं दूर घूमने गया हुआ था। जब लौटा तो उसने एक बहुत सुन्दर और कीमती चिड़िया लाकर अपने मित्र लल्लू को दी। चिड़िया पाकर लल्लू बहुत खुश हुआ। इसके लिए उसने कल्लू को धन्यवाद भी दिया।
राज़
न...न! हिम्मत मत हारिए...
पुराना
तेरी मेरी दोस्ती प्यार में बदल गयी... 
आपको हंसना भी नही पड़ेगा...हंसी से भरपूर यह सीडी इसके साथ मुफ़्त है!